Site icon 140200.pro

Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi |verified| -

पूर्ण अधिनियम की विश्वसनीय हिंदी पीडीएफ ऑनलाइन दुर्लभ है, लेकिन आप निम्न का उपयोग कर सकते हैं:

यदि आपत्ति खारिज हो जाती है या व्यक्ति भुगतान नहीं करता है, तो अधिनियम के तहत निम्नलिखित कार्रवाई की जा सकती है:

जब कोई राशि बकाया होती है, तो संबंधित विभाग का अधिकारी सर्टिफिकेट ऑफिसर के पास एक मांग पत्र भेजता है। सर्टिफिकेट ऑफिसर संतुष्ट होने पर एक 'सर्टिफिकेट' तैयार करता है और उसे अपने कार्यालय में दर्ज करता है।

You can often find state-specific versions (like Jharkhand's amendment) on the India Code portal.

बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914 एक महत्वपूर्ण कानून है जो सार्वजनिक मांगों की वसूली के लिए बनाया गया था। इस अधिनियम के तहत, सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह सार्वजनिक मांगों की वसूली के लिए आवश्यक कदम उठा सके। यदि आप इस अधिनियम की पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं, तो आप गूगल सर्च या पीडीएफ डाउनलोड वेबसाइटों का उपयोग कर सकते हैं।

बकायेदार की संपत्ति को कुर्क (Attach) और नीलाम करके वसूली करना।

यह अधिनियम अपनी कार्यवाही को मुख्यतः छह भागों में बांटता है:

सरकारी बैंकों या संस्थाओं का ऋण।

इस अधिनियम की प्रासंगिकता को कई उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों ने बरकरार रखा है:

धारा 9 के तहत नोटिस प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर देनदार सर्टिफिकेट ऑफिसर के समक्ष आपत्ति याचिका (Petition denying liability) दायर कर सकता है कि वह इस राशि के लिए उत्तरदायी नहीं है।

कलेक्टर को देय सार्वजनिक मांग के लिए प्रमाण पत्र दाखिल करना।

किसी भी कानून की नींव उसकी परिभाषाएँ होती हैं। इस अधिनियम की में "सार्वजनिक मांग" (Public Demand) और "प्रमाणपत्र अधिकारी" (Certificate Officer) जैसे महत्वपूर्ण शब्दों को परिभाषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि झारखंड राज्य के गठन के बाद, इस अधिनियम की धारा 3(3) में संशोधन किया गया, जिसमें "Certificate Officer" को परिभाषित किया गया कि इसका तात्पर्य समाहर्ता (डिप्टी कमिश्नर), अनुमंडल पदाधिकारी और राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य अधिकारियों से होगा।

एक ऐतिहासिक कानून है जो आज भी बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में सरकारी बकाया राशि की त्वरित वसूली के लिए आधार स्तंभ बना हुआ है। इसे अक्सर PDR Act के नाम से जाना जाता है।

Bihar and Orissa Public Demand Recovery Act 1914 PDF in Hindi कैसे डाउनलोड करें?

Exit mobile version