ट्रेन में सवार बारह यात्रियों ने मिलकर यह हत्या की। ये सारे यात्री उस मासूम बच्ची (Daisy Armstrong) के परिवार या उससे जुड़े लोग थे, जिसकी हत्या मिस्टर रैचेट (असली नाम कैसेटी) ने की थी। जब कानून रैचेट को सजा नहीं दिला पाया, तो इन लोगों ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची। हर यात्री ने रैचेट पर एक-एक चाकू मारा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह मरे।
जिस ट्रेन में यह कहानी घटित होती है, वह 'ओरिएंट एक्सप्रेस' असल जिंदगी में भी एक बेहद शानदार और प्रतिष्ठित ट्रेन थी। इसे 1883 में बेल्जियम की कंपनी कॉम्पैनी इंटरनेशनेल डेस वैगन्स-लिट्स (CIWL) द्वारा शुरू किया गया था। यह ट्रेन यूरोप के लंबे रास्तों को पार करती थी, जो पेरिस, लंदन से लेकर इस्तांबुल तक जाती थी। यह ट्रेन अपनी लग्जरी सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध थी, जैसे बार, थीम रेस्तरां, बाथरूम और 24 घंटे बटलर सर्विस। यही विलासिता और रहस्य का मेल इस ट्रेन को कहानी के लिए एक परफेक्ट सेटिंग बनाता है।
यह कहानी दुनिया के सबसे प्रसिद्ध जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है। पॉयरोट मध्य पूर्व से लंदन लौट रहे हैं और इस्तांबुल में 'ओरिएंट एक्सप्रेस' ट्रेन में सवार होते हैं। उस समय का ओरिएंट एक्सप्रेस बहुत ही शानदार और प्रतिष्ठित ट्रेन थी। murder on the orient express in hindi
मिस्टर बौक और ट्रेन के डॉक्टर, डॉ. कॉन्सटेंटाइन (Dr. Constantine) की मदद से पोयरो अपनी जांच शुरू करता है। उसे कमरे में कई सुराग मिलते हैं, जैसे एक सुलगा हुआ पेपर, जिस पर "Daisy Armstrong" लिखा है। यह सुराग पोयरो को एक पुरानी घटना की ओर ले जाता है। इस खुलासे से कहानी और भी गहरी हो जाती है: रैचेट कोई और नहीं, बल्कि कैसेटी (Cassetti) नाम का एक कुख्यात गैंगस्टर था, जिसने कुछ साल पहले छोटी डेज़ी आर्मस्ट्रांग (Daisy Armstrong) का अपहरण कर लिया था। बच्ची के परिवार से भारी फिरौती लेने के बाद भी कैसेटी ने उसकी हत्या कर दी। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया: डेज़ी की माँ सोनिया (Sonia) ने समय से पहले बच्चे को जन्म दिया और दोनों की मौत हो गई, डेज़ी के पिता कर्नल आर्मस्ट्रांग (Colonel Armstrong) ने खुद को गोली मार ली, और फ्रांसीसी नर्स सूज़ैन (Susanne), जिस पर कैसेटी की मदद करने का आरोप लगा था, ने आत्महत्या कर ली, हालाँकि बाद में उसे निर्दोष पाया गया। कैसेटी भ्रष्टाचार और कानूनी पेचीदगियों के कारण सजा से बच निकला था।
उपन्यास का अंत केवल कातिल को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गहरी नैतिक दुविधा (Moral Dilemma) पर आकर रुकता है। पोयरोट हमेशा कानून और न्याय के पक्के समर्थक रहे हैं। लेकिन यहाँ, वह देखते हैं कि कानून जिस अपराधी को सजा देने में नाकाम रहा, उसे पीड़ितों ने मिलकर सजा दी। जैसे एक सुलगा हुआ पेपर
कहानी का चौंकाने वाला अंत (The Twist Ending)
जासूस हरक्यूल पोएरो और उनकी जांच ने आत्महत्या कर ली
ट्रेन में सफर कर रहा एक अमीर अमेरिकी नागरिक, जिसका मर्डर हो जाता है। बाद में पता चलता है कि वह एक शातिर अपराधी था।
मर्डर का रहस्य: हर्क्यूल पॉयरोट की जांच
जासूस (Detective)
एक बातूनी अमेरिकी महिला।